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गरीबी को लेकर वित मंत्री के आंकड़े ने दिखा दिया भाजपा का हकीकत ।

दैनिक भास्कर एक प्रतिष्ठित अखबार है तो जाहिर सी बात है की कोई गलत खबर नहीं प्रसारित करेगा। निश्चित रूप से गरीबी का यह आंकड़ा वित मंत्री अपने मुखारबिंदु से निकाली होंगी।वैसे इस खबर की प्रामाणिकता भी कोई ना कोई रिसर्चर कल तक प्रकाशित कर ही देंगे तत्काल आप इसपर मेरे टिप्पणी को पढ़ें।

2014 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और 2019 में पुनः भाजपा ने जीतकर सरकार बनाने में सफलता प्राप्त किया।2019 के चुनाव में भाजपा नेताओं ने अपने हर भाषण में विकास - विकास और विकास का ही सिर्फ वर्णन किया।2014 में सरकारी आंकड़ा है की अपने देश में कुल गरीबों की संख्या टोटल जनसंख्या का 24% था।2011 जनसंख्या के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 133 करोड़ के लगभग है और इसका 24% लगभग 32 करोड़ होता है।इस अखबार के इस खबर के अनुसार जो की वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने आंकड़ा दिया है की देश में अभी 80 करोड़ गरीब है। मतलब पिछले छः वर्षों में 48 करोड़ गरीबों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।अब अगर गरीबों की संख्या बढ़ा है तो फिर ये कैसा विकास इस देश में हुआ है ?
Pic source - dainik bhasakr 


यह सरकार अपने हर नाकामियों का आंकड़ा छुपाता है और भारत के जनता को बेवकूफ बनाकर सता सुख भोग रहा है।बेरोजगारी का आंकड़ा , अर्थव्यवस्था से जुड़े सभी आंकड़े , नोटबंदी का आंकड़ा , स्वास्थ विभाग का आंकड़ा , सैन्य हथियारों के खरीद - बिक्री का आंकड़ा , सैन्य युद्धों का आंकड़ा , मतलब हर प्रकार का आंकड़ा जो इस सरकार ने नाकामियों का उजागर करेगा वो इस सरकार द्वारा छुपा दिया जाता है।लेकिन कहते है ना की पाप छुपा नहीं सकते है जिस दिन घरा भरता है सब पाप बाहर आता है।अब इस सरकार के पाप का घड़ा भर रहा है और इसके किये हुये पाप भी बाहर आ रहें है।

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